✍️मानचित्र केवल पृथ्वी का भौगोलिक चित्र नहीं होता, बल्कि वह दुनिया को देखने का एक नजरिया भी निर्मित करता है। सदियों से प्रचलित Mercator Projection ने विश्व के देशों को एक विशेष तरीके से प्रस्तुत किया है, जिसमें भूमध्य रेखा से दूर स्थित क्षेत्र अपने वास्तविक आकार की तुलना में कहीं अधिक बड़े दिखाई देते हैं। इसका सबसे चर्चित उदाहरण अफ्रीका और ग्रीनलैंड हैं—वास्तव में अफ्रीका का क्षेत्रफल ग्रीनलैंड से लगभग 14 गुना अधिक है, लेकिन पारंपरिक विश्व मानचित्र में दोनों लगभग समान आकार के नजर आते हैं। ◾इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से वर्ष 2025 में अफ्रीका के विभिन्न संगठनों और देशों द्वारा मानचित्र बदलने का अभियान चर्चा में आया। इसका उद्देश्य केवल नया नक्शा अपनाना नहीं, बल्कि दुनिया के भौगोलिक आकार को अधिक वास्तविक अनुपात में प्रस्तुत करना तथा मानचित्रण में मौजूद ऐतिहासिक असंतुलन को चुनौती देना है। ✒️1. Mercator Projection की समस्या ◾वर्ष 1569 में यूरोपीय मानचित्रकार Gerardus Mercator ने प्रसिद्ध Mercator Projection विकसित किया था। इसका मूल उद्देश्य समुद्री यात्राओं और नौवहन को आसान बनान...