✍️हाल ही में Harish Rana vs Union of India मामले में Supreme Court of India ने एक ऐतिहासिक निर्णय देते हुए निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia ) की अनुमति दी। यह फैसला उस स्थिति में दिया गया जब हरीश राणा पिछले लगभग 13 वर्षों से स्थायी वनस्पतिक अवस्था ( Permanent Vegetative State ) में जीवन-रक्षक उपकरणों पर निर्भर थे। ✒️यह निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले Common Cause vs Union of India (2018) में सर्वोच्च न्यायालय ने “गरिमा के साथ मरने के अधिकार” को भारतीय संविधान के Article 21 of the Constitution of India के अंतर्गत मान्यता दी थी, परंतु उसका व्यावहारिक उपयोग बहुत कम मामलों में हुआ था। ✒️हरीश राणा मामला इस सिद्धांत का वास्तविक अनुप्रयोग है और भारत में जीवन के अंतिम चरण ( End-of-Life Care ) से जुड़े नैतिक, कानूनी और चिकित्सकीय प्रश्नों को पुनः चर्चा के केंद्र में ले आया है। ✒️️इच्छामृत्यु की अवधारणा- ◾इच्छामृत्यु (Euthanasia) का अर्थ है किसी व्यक्ति के जीवन को इस उद्देश्य से समाप्त करना कि उसे असहनीय पीड़ा या असाध्य बीमारी से मुक्ति मिल सके। ◾यह शब्द ग्रीक भाषा के द...