✍️भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था बहुस्तरीय और जटिल है, जिसमें राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हाल ही में प्रस्तुत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य ड्यूटी कैडर) विधेयक, 2026 ने एक बार फिर इस बहस को केंद्र में ला दिया है कि CAPFs में IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति (deputation) किस हद तक उचित और आवश्यक है। यह मुद्दा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि संघीय ढांचे, कैडर प्रबंधन और संस्थागत संतुलन से भी जुड़ा हुआ है। ✒️विधेयक का उद्देश्य और प्रावधान ◾प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य CAPFs में सेवा शर्तों को स्पष्ट करना और IPS अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को संस्थागत रूप देना है। इसके तहत उच्च पदों—जैसे इंस्पेक्टर जनरल (IG) और उससे ऊपर—पर IPS अधिकारियों की नियुक्ति को प्राथमिकता दी गई है। यह व्यवस्था पहले से प्रचलित थी, लेकिन अब इसे विधिक रूप देने का प्रयास किया गया है। ◾सरकार का तर्क है कि इससे प्रशासनिक निरंतरता, बेहतर समन्वय और पेशेवर दक्षता सुनिश्चित होगी। साथ ही, IPS अधिकारियों के अनुभव और प्रशिक्षण का लाभ CAPFs को मिलेगा, जिससे आंतरिक सुरक...