✍️भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में शासन व्यवस्था केवल नीतियों का सवाल नहीं है, बल्कि संतुलन का भी प्रश्न है। हाल के वर्षों में “डबल इंजन सरकार” का विचार एक राजनीतिक रणनीति के रूप में उभरा है, जिसमें केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार होने को विकास के लिए अनिवार्य बताया जाता है। ◾लेकिन यह विचार जितना सरल दिखता है, उतना ही जटिल इसके प्रभाव हैं। सवाल यह है कि क्या विकास वास्तव में राजनीतिक समानता पर निर्भर करता है, या यह केवल सत्ता के केंद्रीकरण का एक नया रूप है? ✒️ विकास का राजनीतिकरण: एक उभरती प्रवृत्ति ◾पहले विकास को प्रशासनिक दक्षता, संसाधनों के सही उपयोग और नीति-निर्माण से जोड़ा जाता था। लेकिन अब इसे धीरे-धीरे राजनीतिक पहचान से जोड़ दिया गया है। ◾“डबल इंजन” का संदेश अप्रत्यक्ष रूप से यह स्थापित करता है कि अलग राजनीतिक विचारधारा वाली सरकारें विकास में बाधा बन सकती हैं। इससे लोकतंत्र की मूल भावना—विविधता में एकता—कमजोर होती है। ◾विकास को यदि राजनीतिक निष्ठा से जोड़ा जाएगा, तो यह प्रतिस्पर्धी संघवाद (Competitive Federalism) को नुकसान पहुँचा सकता है। ✒️संघवाद की आत्मा: सं...