✍️ईरान से जुड़े हालिया संघर्ष ने भारत की विदेश नीति को एक कठिन परीक्षा में डाल दिया है। एक तरफ भारत की ऊर्जा सुरक्षा का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया, विशेषकर खाड़ी क्षेत्र, पर निर्भर है, वहीं दूसरी ओर उसे अमेरिका, इज़राइल और खाड़ी देशों के साथ अपने रणनीतिक संबंध भी बनाए रखने हैं। यही कारण है कि भारत का रुख अब एक व्यापक नीति बहस का विषय बन गया है। 🔴 भारत की ऊर्जा निर्भरता और ‘फ्यूल फैक्टर’ भारत विश्व के सबसे बड़े ऊर्जा आयातकों में से एक है। देश अपनी लगभग 85-90% कच्चे तेल की जरूरत आयात से पूरी करता है, जिसमें एक बड़ा हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से आता है। इसके अलावा— ◾LPG का लगभग 60% से अधिक आयात ◾LNG का 50% से अधिक आयात भी इसी क्षेत्र से होता है। ◾ईरान युद्ध के चलते Strait of Hormuz में बाधा आने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर पड़ा है। हाल की रिपोर्ट्स बताती हैं कि भारत में LPG आपूर्ति में गिरावट आई और कई टैंकर फंस गए। ◾यानी साफ है—ईरान केवल एक कूटनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि भारत की energy lifeline से जुड़ा मामला है। 🔴 Strait of Hormuz: भारत की ऊर्जा ‘चोकपॉइंट’ ◾Strait of Horm...