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मानचित्र से बदलती विश्व-दृष्टि

✍️मानचित्र केवल पृथ्वी का भौगोलिक चित्र नहीं होता, बल्कि वह दुनिया को देखने का एक नजरिया भी निर्मित करता है। सदियों से प्रचलित Mercator Projection ने विश्व के देशों को एक विशेष तरीके से प्रस्तुत किया है, जिसमें भूमध्य रेखा से दूर स्थित क्षेत्र अपने वास्तविक आकार की तुलना में कहीं अधिक बड़े दिखाई देते हैं। इसका सबसे चर्चित उदाहरण अफ्रीका और ग्रीनलैंड हैं—वास्तव में अफ्रीका का क्षेत्रफल ग्रीनलैंड से लगभग 14 गुना अधिक है, लेकिन पारंपरिक विश्व मानचित्र में दोनों लगभग समान आकार के नजर आते हैं। ◾इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से वर्ष 2025 में अफ्रीका के विभिन्न संगठनों और देशों द्वारा मानचित्र बदलने का अभियान चर्चा में आया। इसका उद्देश्य केवल नया नक्शा अपनाना नहीं, बल्कि दुनिया के भौगोलिक आकार को अधिक वास्तविक अनुपात में प्रस्तुत करना तथा मानचित्रण में मौजूद ऐतिहासिक असंतुलन को चुनौती देना है। ✒️1. Mercator Projection की समस्या  ◾वर्ष 1569 में यूरोपीय मानचित्रकार Gerardus Mercator ने प्रसिद्ध Mercator Projection विकसित किया था। इसका मूल उद्देश्य समुद्री यात्राओं और नौवहन को आसान बनान...

Beyond GLOF (Glacial Lake Outburst Floods): हिमालय में छिपे आपदा खतरे

✍️अगस्त 2025 में Uttarakhand के धाराली क्षेत्र में आई फ्लैश फ्लड ने हिमालयी आपदाओं की बदलती प्रकृति को उजागर किया। ISRO के अध्ययन के अनुसार यह घटना किसी पारंपरिक GLOF के बजाय श्रीकांता ग्लेशियर पर एक छोटे ice-patch collapse से उत्पन्न हुई। यह संकेत देता है कि अब खतरे केवल बड़े ग्लेशियर झीलों तक सीमित नहीं, बल्कि सूक्ष्म क्रायोस्फेरिक अस्थिरताओं से भी उत्पन्न हो रहे हैं। ✒️ग्लेशियर पिघलन के सकारात्मक पक्ष: 1. अल्पकालिक जल उपलब्धता में वृद्धि- ◾ग्लेशियर पिघलने से प्रारंभिक वर्षों में नदियों में जल प्रवाह बढ़ता है, जिससे सिंचाई, जलविद्युत और पेयजल की उपलब्धता बढ़ती है। 2. हाइड्रोपावर संभावनाओं का विस्तार- ◾अधिक जल प्रवाह से जलविद्युत उत्पादन की क्षमता बढ़ती है, जो भारत की renewable energy strategy को सपोर्ट करता है। 3. नए भू-आकृतिक अध्ययन के अवसर- ◾Himalaya में बदलते ग्लेशियर वैज्ञानिकों को climate change के प्रभावों को समझने का अवसर देते हैं। 4. नई भूमि का अनावरण- ◾ग्लेशियर के पीछे हटने से कुछ क्षेत्रों में नई भूमि उजागर होती है, जो दीर्घकाल में सीमित उपयोग (जैसे grazing) के लिए काम आ सक...