✍️अगस्त 2025 में Uttarakhand के धाराली क्षेत्र में आई फ्लैश फ्लड ने हिमालयी आपदाओं की बदलती प्रकृति को उजागर किया। ISRO के अध्ययन के अनुसार यह घटना किसी पारंपरिक GLOF के बजाय श्रीकांता ग्लेशियर पर एक छोटे ice-patch collapse से उत्पन्न हुई। यह संकेत देता है कि अब खतरे केवल बड़े ग्लेशियर झीलों तक सीमित नहीं, बल्कि सूक्ष्म क्रायोस्फेरिक अस्थिरताओं से भी उत्पन्न हो रहे हैं। ✒️ग्लेशियर पिघलन के सकारात्मक पक्ष: 1. अल्पकालिक जल उपलब्धता में वृद्धि- ◾ग्लेशियर पिघलने से प्रारंभिक वर्षों में नदियों में जल प्रवाह बढ़ता है, जिससे सिंचाई, जलविद्युत और पेयजल की उपलब्धता बढ़ती है। 2. हाइड्रोपावर संभावनाओं का विस्तार- ◾अधिक जल प्रवाह से जलविद्युत उत्पादन की क्षमता बढ़ती है, जो भारत की renewable energy strategy को सपोर्ट करता है। 3. नए भू-आकृतिक अध्ययन के अवसर- ◾Himalaya में बदलते ग्लेशियर वैज्ञानिकों को climate change के प्रभावों को समझने का अवसर देते हैं। 4. नई भूमि का अनावरण- ◾ग्लेशियर के पीछे हटने से कुछ क्षेत्रों में नई भूमि उजागर होती है, जो दीर्घकाल में सीमित उपयोग (जैसे grazing) के लिए काम आ सक...